मनुष्य का वैज्ञानिक नाम क्या है, मनुष्य का वर्गीकरण | Human Scientific Name in Hindi

Editorial Team

मनुष्य का वैज्ञानिक नाम क्या है (Human Scientific Name in Hindi) अगर आपको इसकी जानकारी चाहिए, तो इस आर्टिकल में हमने आपके लिए इंसान के वैज्ञानिक नाम के साथ ही मनुष्य का वर्गीकरण और इससे जुड़ी कई अन्य जानकारियाँ विस्तार से दी हैं। इसलिए मानव का वैज्ञानिक नाम जानने के साथ ही आपको इस आर्टिकल को पूरा पढ़ना चाहिए।


आपको बता दें की मनुष्य का कोई एक वैज्ञानिक नाम नहीं है। इसके बजाय, पृथ्वी पर रहने वाले मनुष्यों की विभिन्न प्रजातियों के लिए कई वैज्ञानिक नाम हैं। अब आप इसमें भ्रमित हो सकते हैं कि इंसान की प्रजातियाँ कैसे हो सकती हैं, इसलिए इस लेख को पूरा पढ़ना जरुरी है। तभी आपके सभी प्रश्नों के उत्तर मिल पाएँगे।


आइए यहाँ इस लेख के द्वारा हम मनुष्य का वैज्ञानिक नाम क्या है (Human Scientific Name in Hindi), आधुनिक मानव का वैज्ञानिक नाम क्या है के साथ इंसान की सामान्य विशेषताओं और मनुष्य के वर्गीकरण के बारे में विस्तार से जानते हैं।


कृपया ध्यान दें : Manushya ka Vaigyanik Naam जानने के साथ आपको ये भी ध्यान रखना होगा कि हिंदी भाषा में मनुष्य (Manushya) को मानव (Manav), इंसान (Insan), व्यक्ति (Vyakti), आदमी (Aadmi), नर (Nar), मानुष (Manush), मनुज (Manuj), ह्यूमन (Human) जैसे कई नामों से जाना जाता है, इसलिए इन सभी का वैज्ञानिक नाम (Scientific Name in Hindi) एक ही होगा।

मनुष्य का वैज्ञानिक नाम क्या है


मनुष्य का वैज्ञानिक नाम होमो सेपियन्स (Homo Sapiens) है। यह शब्द पहली बार कार्ल लिनिअस ने 1758 में उपयोग किया था। होमो सेपियन्स शब्द की उत्पत्ति लैटिन से हुई है और यह 'बुद्धिमान व्यक्ति' को संदर्भित करता है।


इंसान के वैज्ञानिक नाम का पहला अक्षर होमो (Homo) इसके गण (Genus) का नाम है, जबकि दूसरा अक्षर सेपियन्स (Sapiens) इसकी प्रजाति का नाम है।


मनुष्य होमिनिडे परिवार (Hominidae family) से संबंधित हैं। गोरिल्ला और चिंपैंजी जैसे वानरों के साथ मनुष्यों में आनुवंशिक समानताएं पाई जाती हैं।


यहाँ पर दिया गया इंसान का वैज्ञानिक नाम (Human Scientific Name in Hindi), द्विपद नाम पद्धति (Binomial Name System) के अनुसार है, यही प्रचलन में ज़्यादा है। हालाँकि वर्तमान में विस्तारित नामकरण के लिए त्रिपद नाम पद्धति का इस्तेमाल भी किया जाने लगा है, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है।



प्रचलित नाम

वैज्ञानिक नाम

मनुष्य / मानव / इंसान / आदमी

होमो सेपियन्स

Manushya / Manav / Insan / Aadmi

Homo Sapiens


मानव का वैज्ञानिक नाम लिखने के नियम


मनुष्य / इंसान / मानव का द्विपद वैज्ञानिक नाम लिखने के नियम निम्न हैं :


  • द्विपद नाम पद्धति में किसी मनुष्य का वैज्ञानिक नाम लिखने और निकालने के लिए सबसे पहले जीनस का नाम लिखा जाता है उसके बाद प्रजाति (उपनाम) का नाम लिखते हैं। इस तरह मानव के गण (Genus) और कुल नाम को मिलाकर इंसान का वैज्ञानिक नाम बनता है|
  • इंसान का वैज्ञानिक नाम लिखते समय पहला शब्द यानि होमो (Homo) के पहले अक्षर को हमेशा बड़े अक्षरों (Capital Letters) में लिखा जाना चाहिए, जबकि जीनस का नाम छोटे अक्षर (Small Letters) में होना चाहिए।
  • हस्तलिपि यानि हाथ से लिखते समय Scientific Name के दोनों शब्दों को हमेशा इटैलिक (तिरछा) या रेखांकित करके लिखना चाहिए।


आधुनिक मानव का वैज्ञानिक नाम क्या है


आधुनिक मानव का वैज्ञानिक नाम होमो सेपियन्स सेपियन्स (Homo sapiens sapiens) होता है।


  • इसमें पहला शब्द होमो (Homo) जीनस का नाम है।
  • दूसरा शब्द सेपियन्स (sapiens) आधुनिक मनुष्य की जाति (Species) का नाम है।
  • तीसरा शब्द सेपियन्स (sapiens) इंसान की उपजाति (Subspecies) का नाम है।



प्रचलित नाम

वैज्ञानिक नाम

आधुनिक मनुष्य / आधुनिक मानव / आधुनिक इंसान / आधुनिक आदमी

होमो सेपियन्स सेपियन्स

Adhunik Manushya / Adhunik Manav / Adhunik Insan / Adhunik Aadmi

Homo sapiens sapiens


त्रिपद नाम पद्धति


वर्तमान समय में वैज्ञानिक नामकरण में 'त्रिपद नाम पद्धति' (Trinomial nomenclature) का इस्तेमाल किया जाता है। इसी त्रिपद नाम पद्धति में लिखे गए नामों को आधुनिक वैज्ञानिक नाम कहा जाता है। इसमें जीवों का नामकरण तीन शब्दों का होता है।


त्रिपद नाम पद्धति तीन भागों वाला एक वैज्ञानिक नाम है। इसमें क्रमशः सामान्य नाम (Generic name), विशिष्ट नाम (specific name) और उप-विशिष्ट नाम (subspecific name) को शामिल किया जाता है। इसके पहले दो भाग द्विपद नाम का निर्माण करते हैं। जबकि सभी तीनों नाम को जोड़कर लिखने पर त्रिपद नाम पद्धति में Vaigyanik Naam बन जाता है।


त्रिपद नाम पद्धति आधुनिक मानव का साइंटिफिक नाम लिखते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें :


  • पहला भाग जीनस का नाम होगा।
  • दूसरा भाग प्रजाति/जाति (species) का नाम होगा।
  • तीसरा भाग उपजाति (subspecies) का नाम होगा।
  • पहले शब्द का पहला अक्षर बड़े अक्षरों (Capital Letter) में लिखें।
  • दूसरा और तीसरा शब्द छोटे अक्षरों (small letter) के साथ इटैलिक या अंडरलाइन करके लिखें।



मनुष्य का वर्गीकरण (Scientific Classification of Human in Hindi)


अधिजगत (Domain)

सुकेन्द्रिक (Eukaryota)

जगत (Kingdom)

जंतु (Animalia)

संघ (Phylum)

रज्जुकी (Chordata)

उपसंघ (Subphylum)

पृष्ठवंशी या कशेरुकी या कशेरुकदंडी (Vertebrata)

वर्ग (Class)

स्तनधारी (Mammalia)

उपवर्ग (Subclass)

थेरिया (Theria)

अधिवर्ग (Superclass)

चौपाये या चतुरपाद (Tetrapoda)

गण (Order)

नरवानर या प्राइमेट (Primate)

उपगण (Suborder)

हैप्लोराइनी या शुष्क-नाक नरवानर (Haplorhini)

अवगण (Infraorder)

सिमिफ़ोर्मीस (Simiiformes)

कुल (Family)

मानवनुमा या होमिनिड (Hominidae)

उपकुल (Subfamily)

होमिनिने (Homininae)

आदिम जाति (Tribe)

होमिनिनी (Hominini)

वंश (Genus)

होमो (Homo)

जाति (Species)

एच. सेपियन्स (H. sapiens)

उपजाति (Subspecies)

एच. एस. सेपियन्स (H. s. sapiens)


मानव का संक्षिप्त इतिहास


नए शोध के अनुसार, आधुनिक मनुष्य की उत्पत्ति होमो इरेक्टस (Homo erectus) से हुई है, जिसकी उत्पत्ति 2,00,000 साल पहले अफ्रीका से हुई थी। यह किस्म अब विलुप्त हो चुकी है।


नवीनतम अध्ययन के अनुसार, मानव इतिहास का वर्णन करने वाले दो मॉडल हैं - अफ्रीका से बाहर मॉडल (Out of Africa Model) और बहु-क्षेत्रीय मॉडल (Multi-regional Model)। इन दोनों में, अफ्रीका से बाहर के मॉडल (Out of Africa Model) के मुख्य प्रमुख प्रमाण हैं।


मिस्र के Oligocene में पैरापिथेकस (Parapithecus), प्रोप्लियोपिथेकस (Propliopithecus) और अन्य सहित शुरुआती मानववंशियों के जबड़े के जीवाश्म पाए गए थे।

मियोसीन एंथ्रोपॉइड जीवाश्म विविधता की एक विस्तृत श्रृंखला दिखाते हैं, जिसमें कुछ मानव-पूर्व लक्षण प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने मानव रेखा और अन्य वंशों में महत्वपूर्ण योगदान दिया होगा जो अंततः होमिनिड्स बन गए।


ड्रायोपिथेकस (Dryopithecus) नामक एक मानव वंशीय जीवाश्म को विचलन की उत्पत्ति के स्थान के करीब माना जाता है।


मनुष्य के सामान्य लक्षण


मनुष्य की बुनियादी विशेषताएं निम्नलिखित हैं -


  • समय के प्रवाह के साथ विकसित मनुष्य सीधे चलने में सक्षम होते हैं।
  • ये टूल्स का उपयोग कर सकते हैं।
  • मनुष्य ने दिमाग विकसित कर लिया है।
  • मनुष्य संवाद करने के लिए भाषाओं का उपयोग कर सकते हैं।


मानव शरीर की Anatomy


  • मानव शरीर की Anatomy अन्य प्रजातियों में सबसे जटिल है।
  • एक वयस्क मानव शरीर में 206 हड्डियां,  650 मांसपेशियां, 79 अंग और लगभग 30-40 ट्रिलियन कोशिकाएं होती हैं। हर सेकेंड में नई कोशिकाएं बनती हैं और पुरानी कोशिकाएं मरती हैं।
  • मनुष्यों के पास एक अच्छी तरह से निर्मित कंकाल है, जो आंतरिक अंगों की रक्षा करता है, और उन्हें सीधे बैठने और चलने में मदद करता है। इंसानी कंकाल हड्डियों और कार्टिलेज से बना है।
  • मांसपेशियां मानव शरीर रचना का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो ज्यादातर ऊतकों से बनी होती हैं, और रक्त परिसंचरण में मदद करती हैं।
  • मनुष्य के शरीर में एक सिर, गर्दन और चार अंग एक धड़ से जुड़े होते हैं। ये मानव शरीर के बाहरी अंग हैं।
  • जबकि आंतरिक अंगों में हृदय, फेफड़े, यकृत आदि शामिल हैं।


मानव शरीर के रासायनिक अवयव


बुनियादी मानव शरीर Anatomy के अलावा, कुछ महत्वपूर्ण रासायनिक घटक हैं, जो मानव शरीर के कामकाज में मदद करते हैं।


  • मानव शरीर पानी, आवश्यक खनिजों, लवण और अन्य कार्बनिक घटकों से बना है।
  • प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, न्यूक्लिक एसिड सबसे महत्वपूर्ण कार्बनिक यौगिक हैं।
  • मानव शरीर में पाए जाने वाले महत्वपूर्ण खनिज हैं - कैल्शियम, फास्फोरस, सोडियम, लोहा, मैग्नीशियम आदि होते हैं।


मानव शरीर के अवयव


मानव शरीर खरबों कोशिकाओं से बना है। कोशिकाएँ जीवन की सबसे छोटी इकाई हैं। वे ऊतकों, अंगों और अंग प्रणालियों के निर्माण खंड हैं।


ऊतक कोशिकाओं के समूह होते हैं, जो एक विशिष्ट कार्य करने के लिए मिलकर कार्य करते हैं। मानव शरीर में चार प्रकार के ऊतक होते हैं:


  • उपकला ऊतक : शरीर की सतह को कवर करता है और इसकी गुहाओं को रेखाबद्ध करता है। शरीर की सतह को कवर करता है और इसकी गुहाओं को रेखाबद्ध करता है।
  • संयोजी ऊतक : अन्य ऊतकों और अंगों को बांधता है और उनका समर्थन करता है।
  • मांसपेशी ऊतक : आंदोलन उत्पन्न करने के लिए अनुबंध।
  • तंत्रिका ऊतक : मस्तिष्क और शरीर के बाकी हिस्सों के बीच संदेश पहुंचाता है।


अंग दो या दो से अधिक प्रकार के ऊतकों का संग्रह है जो एक विशिष्ट कार्य करने के लिए मिलकर काम करते हैं। मानव शरीर में 11 अंग प्रणालियां हैं :


  • श्वसन प्रणाली : फेफड़े और वायुमार्ग से मिलकर बनता है जो फेफड़ों में और बाहर हवा ले जाता है। फेफड़ों और वायुमार्ग से मिलकर बनता है जो फेफड़ों में हवा को अंदर और बाहर ले जाता है।
  • पाचन तंत्र : पेट, आंतों और भोजन को पचाने वाले अन्य अंगों से मिलकर बनता है। भोजन को पचाने वाले पेट, आंतों और अन्य अंगों से मिलकर बनता है।
  • मूत्र प्रणाली: गुर्दे, मूत्राशय और अन्य अंगों से मिलकर बनता है जो शरीर से अपशिष्ट को हटाते हैं। गुर्दे, मूत्राशय से मिलकर बनता है|


मनुष्य का वैज्ञानिक नाम, Human Scientific Name in Hindi, Manushya ka Vaigyanik Naam

द्विपद नामकरण


द्विपद नामकरण जीवों की प्रजातियों के नामकरण की एक प्रणाली है जिसमें प्रत्येक को दो-भाग का नाम दिया जाता है। नाम का पहला भाग वह प्रजाति है जिससे प्रजाति संबंधित है, और दूसरा भाग प्रजाति का नाम है।


वैज्ञानिक नाम कैसे लिखें


किसी प्रजाति का वैज्ञानिक नाम दो शब्दों से मिलकर बना है, गण (genus) और जाति (species)। जीनस हमेशा कैपिटल लेटर में होता है और प्रजाति हमेशा स्मॉल लेटर में होती है। उदाहरण के लिए मनुष्य का वैज्ञानिक नाम होमो सेपियन्स है। जीनस होमो है और जाति (species) सेपियन्स है।


वैज्ञानिक नामों के प्रयोग के लाभ


  • वैज्ञानिक नाम संक्षिप्त, स्पष्ट और याद रखने में आसान होते हैं।
  • इन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता प्राप्त होती है, जो विभिन्न देशों के वैज्ञानिकों के बीच संचार के लिए महत्वपूर्ण है।


द्विपद नामकरण का उपयोग करने के नुकसान


  • द्विपद नामकरण प्रणाली को सीखना और उपयोग करना कठिन है।
  • इस बात को लेकर भ्रम हो सकता है कि किसी विशेष प्रजाति के लिए कौन सा नाम सही है।
  • एक नई प्रजाति की खोज होने पर द्विपद नामकरण प्रणाली हमेशा अपडेट नहीं होती है, जिससे भ्रम पैदा हो सकता है कि कौन सा नाम किसी विशेष प्रजाति के लिए सही नाम है।



याद रखने वाली जानकारियाँ


  • मनुष्य का वैज्ञानिक नाम होमो सेपियन्स (Homo Sapiens) है।
  • 'मैन' शब्द की उत्पत्ति जर्मनिक भाषाओं से हुई है और साथ ही हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार 'मनु' शब्द से भी संबंधित है।
  • गोरिल्ला और चिंपैंजी जैसे अन्य महान वानरों के साथ मनुष्यों में आनुवंशिक समानताएं हैं।
  • एक वयस्क मानव शरीर में 206 हड्डियां, 650 मांसपेशियां, 79 अंग और लगभग 30-40 ट्रिलियन कोशिकाएं होती हैं।
  • मानव शरीर पानी, आवश्यक खनिजों, लवण और अन्य कार्बनिक घटकों से बना है।


ध्यान देने योग्य बातें


#1) हिंदी भाषा में मनुष्य (Manushya) को मानव (Manav), इंसान (Insan), व्यक्ति (Vyakti), आदमी (Aadmi), नर (Nar), मानुष (Manush), मनुज (Manuj), ह्यूमन (Human) जैसे कई नामों से जाना जाता है. इसलिए परीक्षाओं में निम्नलिखित जैसे प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जिनका उत्तर एक ही होगा।


  • मानव (Manav) का वैज्ञानिक नाम / साइंटिफिक नाम क्या है
  • इंसान (Insan) का वैज्ञानिक नाम / साइंटिफिक नाम क्या है
  • व्यक्ति (Vyakti) का वैज्ञानिक नाम / साइंटिफिक नाम क्या है
  • नर (Nar) का वैज्ञानिक नाम / साइंटिफिक नाम क्या है
  • मानुष (Manush) का वैज्ञानिक नाम / साइंटिफिक नाम क्या है
  • मनुज (Manuj) का वैज्ञानिक नाम / साइंटिफिक नाम क्या है
  • ह्यूमन (Human) का वैज्ञानिक नाम / साइंटिफिक नाम क्या है


#2) वैज्ञानिक नाम को हिंदी में Vaigyanik Naam, साइंटिफिक नाम, Scientific Name in Hindi, जैविक नाम (Jaivik Naam या Biological Name, द्विपद नाम (Binomial Name) जैसे विभिन्न नामों से जाना जाता है। इसलिए परीक्षाओं में अगर ऐसे किसी शब्दों का इस्तेमाल करके कोई प्रश्न पूछा जाता है, तो कृपया भ्रमित ना हों। इन सभी का उत्तर एक ही होगा।


मनुष्य के सामान्य नाम


मनुष्य के सामान्य नाम हिंदी में निम्न हैं :


  • मानव (Manav)
  • इंसान (Insan)
  • व्यक्ति (Vyakti)
  • आदमी (Aadmi)
  • नर (Nar)
  • मानुष (Manush)
  • मनुज (Manuj)
  • ह्यूमन (Human)


मनुष्य के सामान्य नामों के लाभ


  • इंसान के सामान्य नामों का उपयोग करने का सबसे पहला लाभ ये है की स्थानीय भाषा में बोला जाता है, जिसे सभी लोग समझते हैं इसलिए यहाँ पर भ्रम की कोई जगह नहीं होती है।
  • ग्रीक या लैटिन भाषा को नहीं समझने वालों के लिए मानव के सामान्य नाम को याद करना और समझना आसान होता है।


मानव के सामान्य नामों के नुकसान


  • सबसे बड़ी दिक़्क़त ये है कि मनुष्य के लिए पूरी दुनिया की सभी स्थानीय भाषा में अलग-अलग नाम होते हैं, इसलिए कभी इनका इस्तेमाल केवल स्थानीय स्तर पर ही किया जा सकता है।
  • सामान्य नाम में दूसरी बड़ी दिक़्क़त ये है कि रिसर्च से लेकर पढ़ाई-लिखाई और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इनकी पहचान कर पाना मुश्किल हो जाता है।
  • कई जंगली पौधों का नियमित जीवन उपयोग नहीं किया जाता, इसलिए अभी तक उनके लिए कोई सामान्य नाम है ही नही।
  • चूंकि प्रजातियों जैसे मनुष्य के सामान्य नाम एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में भिन्न होते हैं, इसलिए दूसरी भाषा जानने वाले के साथ संवाद करना मुश्किल हो जाता है।


FAQs - मनुष्य के वर्गीकरण और वैज्ञानिक नाम से जुड़े कुछ प्रश्न


मनुष्य का वैज्ञानिक नाम क्या है से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले कुछ प्रश्न-उत्तर यहाँ दिए गए हैं। ये प्रश्न कई परीक्षाओं में भी पूछे जा चुके हैं। इसलिए इनको नोट करके याद करना चहिए।


प्रश्न : Homo Sapiens (होमो सेपियन्स) किस परिवार से संबंधित हैं?


उत्तर : होमो सेपियन्स, जो मनुष्य का वैज्ञानिक नाम है, होमिनिडे फ़ैमिली से संबंधित है।


प्रश्न : मानव का वैज्ञानिक नाम किसने दिया था?


उत्तर : कैरोलस लिनिअस (Carolus Linnaeus) ने 1758 में मनुष्य को वैज्ञानिक नाम होमो सेपियन्स (Homo Sapiens) दिया था।


निष्कर्ष (अंतिम शब्द)


इस आर्टिकल में हमने आपको निम्न जानकारियाँ प्रदान की हैं :-


  • मनुष्य का वैज्ञानिक नाम क्या है (Manushya Ka Vaigyanik Naam Kya hai)
  • इंसान का वैज्ञानिक नाम क्या है (Insan Ka Vaigyanik Naam Kya hai)
  • मानव का वैज्ञानिक नाम क्या है (Manav Ka Vaigyanik Naam Kya hai)
  • आदमी का वैज्ञानिक नाम क्या है (Aadmi Ka Vaigyanik Naam Kya hai)
  • मनुज का वैज्ञानिक नाम क्या है (Manuj Ka Vaigyanik Naam Kya hai)
  • मानुष का वैज्ञानिक नाम क्या है (Manush Ka Vaigyanik Naam Kya hai)
  • नर का वैज्ञानिक नाम क्या है (Nar Ka Vaigyanik Naam Kya hai)


आशा करते हैं कि आपको यह जानकारी पसंद आएगी। इसे सोशल मीडिया में अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करें।

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